आधी रात को क्यों हुआ महिला आरक्षण बिल का ऐलान, विपक्ष ने क्यों मचाया हंगामा?

आधी रात को क्यों हुआ महिला आरक्षण बिल का ऐलान, विपक्ष ने क्यों मचाया हंगामा?

महिला आरक्षण अधिनियम 2023 की अचानक अधिसूचना: प्रक्रिया और विवाद

संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के कार्यान्वयन को लेकर केंद्र सरकार की अधिसूचना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, विधायिका में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला यह कानून अब प्रभावी माना जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि एक ओर जहां सदन में इस अधिनियम में संशोधनों को लेकर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया चल रही थी, वहीं दूसरी ओर सरकार ने इसे आधी रात को अधिसूचित कर दिया। विपक्ष ने इस कदम को ‘विचित्र’ और प्रक्रिया की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया है।

अधिसूचना के पीछे की तकनीकी वजह

सरकार द्वारा इस कानून को अचानक लागू करने के पीछे तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों का हवाला दिया गया है। वर्तमान मूल अधिनियम में आरक्षण का लाभ जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया के उपरांत ही मिलना संभव था। वर्तमान में सरकार इस कानून में संशोधन कर रही है ताकि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन रिपोर्ट के माध्यम से इसे जल्द लागू किया जा सके। जानकारों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत पूर्व में पारित अधिनियम में संशोधन करने के लिए उसका विधिवत अस्तित्व में होना अनिवार्य है, जिसे एक तकनीकी औपचारिकता पूरी करने के लिए अधिसूचित किया गया है।

इस घटनाक्रम के दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। अधिसूचना के बावजूद इसे जमीन पर उतारने के लिए परिसीमन आयोग की रिपोर्ट और अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं का पूर्ण होना जरूरी है, जो 2029 तक की समय-सीमा की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, सरकार की त्वरित कार्यप्रणाली ने राजनीतिक मोर्चे पर विपक्ष को एक नया विषय दे दिया है, जिससे संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बढ़ने के आसार हैं।

एक नजर में

  • केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को गुरुवार को अधिसूचित कर प्रभावी कर दिया है।
  • विपक्ष ने संसद में चल रही चर्चा के बीच अधिसूचना जारी करने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
  • सरकार का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करने हेतु संशोधनों के लिए पुराने अधिनियम का अधिसूचित होना एक तकनीकी आवश्यकता थी।
  • इस अधिसूचना के बाद भी आरक्षण का लाभ मिलने में परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रियाओं का समय लगना तय है।

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