लक्ष्मी भंडार के पैसे चोरी! दिव्यांगों के डॉक्यूमेंट्स नष्ट करने का तृणमूल नेता का रिकॉर्ड सामने आया!

लक्ष्मी भंडार के पैसे चोरी! दिव्यांगों के डॉक्यूमेंट्स नष्ट करने का तृणमूल नेता का रिकॉर्ड सामने आया!

अशोकनगर में ‘लखबीर भंडार’ योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, नेता पर लगा बुजुर्ग के पैसे हड़पने का आरोप

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में सरकारी योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता समीर दे पर आरोप है कि उन्होंने एक शारीरिक रूप से अक्षम बुजुर्ग, बिमल दास के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर वर्षों तक योजना की राशि हड़पी। पीड़ित का आरोप है कि आवास योजना और वृद्धावस्था पेंशन का झांसा देकर नेता ने उनके जरूरी दस्तावेज ले लिए थे।

साजिश और जन आक्रोश

जांच में पता चला है कि आरोपी ने बुजुर्ग के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और 2021 से लगातार आ रही सरकारी सहायता राशि खुद इस्तेमाल करता रहा। यह खुलासा तब हुआ जब सरकारी स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया। घटना के सार्वजनिक होते ही इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर पर प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसने पूछताछ के लिए आरोपी के भाई को हिरासत में लिया है।

प्रभाव और सरकारी जांच की स्थिति

शासन में बदलाव के बाद शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया में इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां मृत व्यक्तियों या अपात्र लोगों के नाम पर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। कहीं पुरुष महिलाओं के नाम पर तो कहीं फर्जी पहचान के जरिए इस योजना का लाभ उठाया जा रहा था। अशोकनगर की यह घटना इस व्यापक भ्रष्टाचार की एक कड़ी मात्र है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और स्थानीय लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

एक नजर में

  • उत्तर 24 परगना में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में धोखाधड़ी का खुलासा।
  • आरोपी नेता ने दिव्यांग बुजुर्ग के दस्तावेज का उपयोग कर वर्षों तक खुद पैसे निकाले।
  • प्रशासन द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ रहे हैं।
  • घटना के बाद इलाके में तनाव, पुलिस मामले की जांच में जुटी।

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