‘भारत लोकतंत्र की जननी है और नए तेवर के साथ आगे बढ़ रहा है’, पीएम मोदी ने दुनिया को दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत में पहली बार आयोजित हो रहे तीन दिवसीय प्रतिष्ठित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर युग की अपनी ताकत और उसकी परिभाषा होती है, लेकिन 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। आज तकनीक, सूचना, ज्ञान और इनोवेशन ही सबसे बड़ी शक्ति बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के समय में यह सवाल महत्वपूर्ण नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि उस शक्ति का उपयोग कैसे किया जा रहा है।
प्रसिद्ध अमेरिकी अरबपति और न्यू यॉर्क के पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अपनी 30 साल की यात्रा में वह मुझे अपना मित्र मानते हैं। वह अपने काम में बेहद सफल, समर्पित और महान शख्सियत हैं। भारत के प्रति उनके मन में जो गहरा प्यार और जुड़ाव है, उसे मैंने हमेशा महसूस किया है। मैं व्यक्तिगत रूप से उनका हमेशा सम्मान करता हूं और विश्व मंच पर भारत के लिए उनकी भावनाएं हमारे लिए हमेशा एक सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत रही हैं।”
भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 100 से अधिक भाषाएं, लगभग 80,000 रजिस्टर्ड अखबार और प्रकाशन, 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल और सोशल मीडिया के इस दौर में 50 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब और इंस्टाग्राम यूजर्स मौजूद हैं। यहां हर मुद्दे पर खुली बहस होती है, जिसमें डिजिटल ताकत ने एक अहम भूमिका निभाई है। वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महामारी और युद्ध के दौर में दुनिया जब एक संकट से निकलती है, तो दूसरा संकट सामने आ जाता है। आज सप्लाई चेन, खनिज, ऊर्जा और तकनीक जैसी चीजें दबाव और वर्चस्व का जरिया बनती जा रही हैं, लेकिन इन सबके बीच भारत एक बिल्कुल अलग सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।
