AI और डेटा एनालिटिक्स से सुरक्षित होगा भारतीय इस्पात उद्योग! जानिए क्या है विजन 2047 का पूरा ड्राफ्ट

AI और डेटा एनालिटिक्स से सुरक्षित होगा भारतीय इस्पात उद्योग! जानिए क्या है विजन 2047 का पूरा ड्राफ्ट

भारतीय इस्पात उद्योग को वैश्विक पटल पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और अनुचित विदेशी आयात से घरेलू उत्पादकों को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘नेशनल स्टील पॉलिसी विजन 2047’ (राष्ट्रीय इस्पात नीति परिकल्पना-2047) का नया मसौदा जारी किया है। इस प्रस्तावित नीति की सबसे बड़ी खासियत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स पर आधारित निगरानी प्रणाली है। इसके जरिए देश में आने वाले स्टील के असामान्य और असामान्य रुझानों का रियल-टाइम में पता लगाया जाएगा, जिससे घटिया गुणवत्ता वाले इस्पात के आयात पर तुरंत रोक लगाई जा सकेगी।

वर्ष 2017 की पुरानी इस्पात नीति की समीक्षा के बाद तैयार किए गए इस नए मसौदे का मुख्य लक्ष्य 2047 तक भारत की इस्पात उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 60.4 करोड़ टन तक पहुंचाना है। मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों से भारी मात्रा में तैयार इस्पात का आयात हो रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान तैयार इस्पात का कुल आयात 34.87 लाख टन रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि के 26.92 लाख टन के मुकाबले पूरे 29.5 प्रतिशत अधिक है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई नीति में तीन-स्तरीय रणनीति अपनाई गई है। नीति के तहत उन देशों पर विशेष नजर रखी जाएगी जिनके साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है, क्योंकि भारत के कुल स्टील आयात में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी इन्हीं देशों की है। यदि कोई देश अनचित व्यापार गतिविधियों या डंपिंग का सहारा लेता है, तो वाणिज्य विभाग का व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) तुरंत साक्ष्यों के आधार पर एंटी-डंपिंग और सुरक्षात्मक उपाय लागू करेगा। इस आधुनिक एआई-संचालित व्यवस्था से न केवल भारतीय स्टील सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि घरेलू उद्योगों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल भी उपलब्ध होता रहेगा।

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