ऑपरेशन सिंदूर: क्यों हुए पहले हमले रात 1 बजे?
रांची: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहली स्ट्राइक रात 1 बजे इसलिए की गई ताकि सीमा पार किसी भी नागरिक की जान न जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने “युद्ध की नई परिभाषा” गढ़ी, जहां लड़ाई केवल जमीन या हवा में नहीं, बल्कि समुद्र, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक स्पेस तक फैली रही।
जनरल चौहान ने कहा कि 7 मई को 1 से 1.30 बजे के बीच नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबह 5.30 या 6 बजे का समय सबसे अनुकूल होता, लेकिन उस वक्त नमाज़ का समय होता और इससे नागरिक हताहत हो सकते थे। “हमारा मकसद आतंकियों को निशाना बनाना था, न कि आम लोगों को नुकसान पहुँचाना,” उन्होंने स्कूल बच्चों से बातचीत के दौरान कहा।
ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। जनरल चौहान ने बताया कि इस बार नौसेना भी सक्रिय रूप से शामिल थी और आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और सिग्नल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के भीतर गहराई तक सटीक प्रहार किए गए। उन्होंने कहा, “आज की लड़ाई कल की तकनीक से लड़ी जाती है। जीत अब जमीन कब्जाने से नहीं, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता और रणनीतिक बढ़त से तय होती है।”
