रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने बढ़ाई रियायत, भारत समेत कई देशों को बड़ी राहत

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने बढ़ाई रियायत, भारत समेत कई देशों को बड़ी राहत

रूस से ईंधन खरीदने के मामले में अमेरिकी प्रशासन ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। बाइडन प्रशासन के पिछले फैसलों को पलटते हुए अब ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद पर दी गई छूट की अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के इस कदम के बाद अब भारत और अन्य देश 16 मई 2026 तक समुद्र के रास्ते रूसी तेल का आयात जारी रख सकेंगे।

वैश्विक बाजार पर प्रभाव और कूटनीति

इस फैसले के पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करना है। ईरान के साथ तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति बाधित हुई थी, जिससे कीमतें आसमान छूने लगी थीं। हालांकि अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया है, लेकिन बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका ने रूसी तेल पर से प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने का रास्ता चुना है।

भारत के लिए रणनीतिक बढ़त

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के विदेश सचिव की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान इस विषय पर हुई चर्चा का सकारात्मक परिणाम निकला है। वहीं, भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भी आश्वासन दिया है कि रूस भारत को कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह विकासक्रम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक झलक में

  • अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर मिलने वाली छूट की अवधि बढ़ाकर 16 मई 2026 कर दी है।
  • इस निर्णय से भारत समेत उन सभी देशों को राहत मिलेगी जो ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल पर निर्भर हैं।
  • वैश्विक स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के बीच ट्रंप प्रशासन ने यह नया आधिकारिक आदेश जारी किया है।