झारखंड में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में जोनल कमांडर समेत 4 माओवादी ढेर

झारखंड के हजारीबाग और चतरा सीमा पर स्थित खपिया के जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान के दौरान माओवादी संगठन ‘तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी’ (TSPC) को भारी नुकसान पहुँचाया है। कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में संगठन के चार सक्रिय सदस्य मारे गए हैं। शुक्रवार शाम को शुरू हुई यह मुठभेड़ शनिवार सुबह तक जारी रही, जिसमें सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है।
इनामी कमांडर का खात्मा
मारे गए माओवादियों में टीएसपीसी का कुख्यात जोनल कमांडर सहदेव महतो और उसकी पत्नी नताशा भी शामिल हैं। सहदेव पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था। सुरक्षा बलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। मारे गए अन्य दो सदस्यों की पहचान रंजीत गांझू और बुधन करमाली के रूप में हुई है, जो संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर थे।
सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि खपिया के घने जंगलों में करीब 10 माओवादी छिपे हुए हैं। सुरक्षा बलों को देखते ही माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में बल ने जवाबी कार्रवाई की। माना जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान कुछ सदस्य पहाड़ी रास्तों से भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश में चतरा और हजारीबाग जिलों में बड़े पैमाने पर ‘नका’ तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इस कार्रवाई से इलाके में माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है। सुरक्षा बलों की इस सफलता ने संगठन के नेटवर्क को कमजोर कर दिया है, विशेष रूप से पारसनाथ और लुटुझुमरा क्षेत्रों में उनकी पकड़ ढीली होने की संभावना है।
एक झलक में
- झारखंड के खपिया जंगल में कोबरा बटालियन और पुलिस ने टीएसपीसी के 4 माओवादियों को मार गिराया।
- मारे गए लोगों में 15 लाख का इनामी जोनल कमांडर सहदेव और उसकी पत्नी नताशा शामिल हैं।
- सुरक्षा बलों ने मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की है।
- फरार माओवादियों की तलाश में हजारीबाग और चतरा सीमा पर सघन तलाशी अभियान जारी है।
