बंगाल चुनाव में हड़कंप, ममता बनर्जी के प्रपोजर के घर IT का बड़ा छापा!

बंगाल चुनाव में हड़कंप, ममता बनर्जी के प्रपोजर के घर IT का बड़ा छापा!

कोलकाता: ममता बनर्जी के प्रस्तावक के घर आईटी का छापा, टीएमसी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल के बीच इनकम टैक्स विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नामांकन के प्रस्तावक मिराज शाह के घर छापेमारी की है। एलजिन रोड स्थित मिराज शाह के निवास पर शुक्रवार दोपहर हुई इस कार्रवाई को तृणमूल कांग्रेस ने राजनीति से प्रेरित बताया है। मिराज शाह भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का हिस्सा हैं और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत हैं। टीएमसी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुनाव के दौरान माहौल खराब करने और ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

टीएमसी विधायक के ठिकाने भी जांच के दायरे में

मिराज शाह के साथ-साथ आईटी विभाग ने तृणमूल विधायक देबाशीष कुमार के घर और दफ्तर पर भी दबिश दी। यह कार्रवाई कथित तौर पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़ी धांधली और अवैध कब्जे की जांच के सिलसिले में की गई है, जिस मामले में पहले ईडी ने भी तलाशी ली थी। सूत्रों के अनुसार, आईटी विभाग देबाशीष कुमार और मिराज शाह के पिछले 5-10 वर्षों के वित्तीय लेन-देन और टैक्स रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रहा है।

राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रिया

इन छापों के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की इस सक्रियता से सत्तारूढ़ दल और विपक्षी खेमे के बीच टकराव और बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर चुनावी नैरेटिव पर पड़ना तय है। वहीं, जांच एजेंसियां इसे वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया बता रही हैं।

एक नजर में

  • आयकर विभाग ने ममता बनर्जी के चुनाव प्रस्तावक मिराज शाह और टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की।
  • कार्रवाई का मुख्य आधार संबंधित व्यक्तियों के पिछले वर्षों के वित्तीय अकाउंट्स की जांच और अवैध निर्माण से जुड़े कथित मामले बताए जा रहे हैं।
  • टीएमसी ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करार दिया है, जबकि जांच एजेंसियों की ओर से इसे भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।
  • चुनावी माहौल के बीच हुई इन छापों ने राज्य की राजनीति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

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