बंगाल के स्कूलों में फिर लौटेगा पास-फेल और NCC? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान!

बंगाल के स्कूलों में फिर लौटेगा पास-फेल और NCC? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान!

पश्चिम बंगाल की स्कूली शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव और कड़े प्रशासनिक सुधार लागू करने के संकेत देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पास-फेल प्रथा को दोबारा शुरू करने की वकालत की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कक्षाओं में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के लिए छात्रों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नए पाठ्यक्रम के माध्यम से भारत और पश्चिम बंगाल के गौरवशाली इतिहास को छात्र-छात्राओं के बीच सही तरीके से पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों में अनुशासन और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में ‘ब्रतोचारी’ और एनसीसी (NCC) जैसी गतिविधियों को फिर से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग की अंतिम समीक्षा के बाद आगामी नए शैक्षणिक सत्र से इन नियमों को लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

दूसरी ओर, उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भयानक भगदड़ की जांच में कोलकाता पुलिस मुख्यालय (लालबाजार) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मुख्य मूर्तिकार और पंडाल आर्टिस्ट सुशांत शिवानी पाल को आगामी बुधवार तक लालबाजार में पेश होने का कड़ा निर्देश दिया गया है। जांच अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे कि पंडाल का निर्माण स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा मानकों के अनुसार हुआ था या नहीं। इसके अलावा, घटना की रात चोरबागान पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात 12 पुलिसकर्मियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। अधिकारियों की लापरवाही या सुरक्षा में चूक की जांच के लिए उनके औपचारिक बयान दर्ज किए जाएंगे।

त्योहारी सीजन के दौरान पश्चिम बंगाल में जानलेवा डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पूरे राज्य में दहशत का माहौल है। कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न जिलों में डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ के बीच इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने कोलकाता नगर निगम और राज्य स्वास्थ्य विभाग पर पूरी तरह से विफल रहने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। डेंगू के बढ़ते मामलों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।

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