झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, चतरा में 4 ढेर और मुठभेड़ में 6 जवान घायल!

झारखंड में सुरक्षा बलों का बड़ा प्रहार: चतरा में चार नक्सली ढेर, सारंडा में 6 जवान घायल
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता और चुनौती दोनों का सामना करना पड़ा है। चतरा और हजारीबाग की सीमा पर स्थित पिपरवार इलाके में सुरक्षा बलों और भाकपा माओवादी के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी सब-जोनल कमांडर सहदेव महतो समेत चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं। पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में घटनास्थल से कई हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा घेराबंदी बढ़ा दी गई है।
सारंडा जंगल में मुठभेड़ और जवानों को चोट
दूसरी ओर, पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों को तब कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जब वे एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते की तलाशी ले रहे थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (IED) विस्फोट की चपेट में आने और मुठभेड़ के कारण सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के 6 जवान घायल हो गए। घायलों को त्वरित उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। सुरक्षा बलों का मानना है कि नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए जारी यह अभियान अब निर्णायक मोड़ पर है, जहां वे अपनी हताशा में घातक हथियारों का उपयोग कर रहे हैं।
इन घटनाओं का सीधा असर राज्य में नक्सली प्रभाव को कम करने की दिशा में पड़ता दिख रहा है। लंबे समय से वांछित शीर्ष नक्सलियों के सफाए से माओवादी संगठन के तंत्र में बड़ा बिखराव आने की संभावना है। हालांकि, आईईडी जैसे छिपकर किए गए हमलों में जवानों का घायल होना सुरक्षा बलों के लिए एक नई चुनौती है, जिसके मद्देनजर अब सर्च ऑपरेशन की रणनीति को और अधिक सतर्कता के साथ लागू किया जा रहा है।
एक नजर में
- चतरा-हजारीबाग सीमा पर मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी सहदेव महतो सहित चार नक्सली मारे गए।
- सारंडा जंगल में माओवादी दस्ते की घेराबंदी के दौरान आईईडी विस्फोट और मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के 6 जवान घायल।
- चतरा में घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
- राज्य भर में नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है।
