चोरबागान हादसे के बाद हरकत में प्रशासन! काली पूजा और छठ पर नबन्ना में बुलाई आपात बैठक

चोरबागान पूजा पंडाल में हाल ही में हुए दुखद हादसे और अव्यवस्था के सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल राज्य प्रशासन इस बार आगामी काली पूजा और छठ पूजा को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहा है। त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्िचत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबन्ना में एक आपातकालीन और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य भर के सुरक्षा इंतजामों, पंडालों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण बैठक बुधवार शाम 4 बजे नबन्ना के सभागार में आयोजित की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से उत्तर 24 परगना जिले के प्रसिद्ध काली पूजा केंद्रों जैसे कि बारासात और नैहाटी के साथ-साथ नादिया जिले के कृष्णनगर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी। राज्य प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि बड़े पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के आने और जाने के रास्ते सुचारू हों, अग्निशमन और प्राथमिक चिकित्सा के व्यापक इंतजाम हों ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
चोरबागान जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े निर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, आगामी छठ पूजा को देखते हुए नदी घाटों और प्रमुख जलाशयों पर भी पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, गोताखोरों की तैनाती और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की तत्परता की समीक्षा की जाएगी ताकि व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
नबन्ना के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के लिए कई अहम निर्देश जारी कर सकते हैं।
