महिला आरक्षण विधेयक पर बढ़ी रार, संजय सिंह ने सरकार पर लगाया देश को बांटने का आरोप

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने इस घटनाक्रम की तुलना ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ की कार्यप्रणाली से करते हुए कहा कि विधेयक का गिरना देश की एकता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उत्तर बनाम दक्षिण का विवाद
संजय सिंह का दावा है कि इस विधेयक के जरिए कुछ खास राज्यों, जैसे तमिलनाडु, ओडिशा और बंगाल की सीटों को कम करने की योजना थी। उनके अनुसार, सीटों के इस असंतुलन से दक्षिण भारतीय राज्यों में भारी असंतोष पैदा हो रहा था। विपक्ष ने इस कदम को नाकाम करके राज्यों के बीच संभावित टकराव को टालने का काम किया है।
आरक्षण की प्रक्रिया पर सवाल
सांसद ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में पारित मूल विधेयक में जनगणना और परिसीमन की शर्तें जोड़ी गई थीं, जिससे इसके लागू होने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्गठन को अनुचित बताया क्योंकि उसमें जातिगत आंकड़े शामिल नहीं हैं। इस विवाद का मुख्य कारण राज्यों के प्रतिनिधित्व में होने वाला संभावित बदलाव और भविष्य में सीटों का गणित है।
एक झलक में
- लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरने पर संजय सिंह ने सरकार को घेरा।
- सरकार पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच क्षेत्रीय असंतोष भड़काने का आरोप लगाया।
- तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों की सीटें कम होने की आशंका जताई।
- 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पर तकनीकी सवाल उठाए।
