महिला आरक्षण विधेयक पर सदन में भारी घमासान, क्या विपक्ष को घेरने के लिए बुना गया था चक्रव्यूह?

महिला आरक्षण विधेयक पर सदन में भारी घमासान, क्या विपक्ष को घेरने के लिए बुना गया था चक्रव्यूह?

संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधनों पर हुई वोटिंग के बाद देश की सियासत गरमा गई है। देर रात तक चली चर्चा और प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ निचले सदन में गिर गया। सदन में मौजूद 528 सदस्यों में से 298 ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया, जबकि दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के बावजूद विधेयक के गिरने से संसदीय गणित और राजनीतिक मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

विपक्ष का षड्यंत्रकारी आरोप और राजनीतिक समीकरण

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित विपक्ष के कई नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को भाजपा का एक सोची-समझी रणनीति बताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को पहले से पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी विपक्षी दलों को विश्वास में लेने के बजाय जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं जिससे विधेयक गिर जाए। कांग्रेस का तर्क है कि सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग को दरकिनार कर सरकार ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए यह दांव खेला ताकि विधेयक की विफलता का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ा जा सके।

चुनावी विमर्श और भविष्य की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विधेयक के गिरने का असर आगामी विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। भाजपा ने इस घटनाक्रम के तुरंत बाद विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए आक्रामक रुख अपना लिया है, विशेषकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। यदि विधेयक पास हो जाता तो भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताती, लेकिन अब इसके गिरने पर वह महिला मतदाताओं के बीच ‘विपक्ष की बाधा’ का नैरेटिव सेट करने की कोशिश में है।

एक झलक में

  • लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरा।
  • पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि पारित होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
  • विपक्ष ने सरकार पर बिना संवाद किए जानबूझकर विधेयक गिराने और राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • भाजपा अब इस विफलता को चुनावी राज्यों में महिला सशक्तिकरण के खिलाफ विपक्ष का कदम बताकर भुनाने की तैयारी में है।