राहुल गांधी का जादू और भाजपा को लगा 12 साल का सबसे बड़ा झटका, लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण संशोधन बिल

संसद के विशेष सत्र में 17 अप्रैल को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के दौरान मोदी सरकार को बीते 12 साल का सबसे बड़ा विधायी झटका लगा है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। सदन में मतदान के दौरान कुल 528 वोट पड़े, जिनमें से विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट रहे। चूंकि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) की अनिवार्यता थी, इसलिए यह बिल पारित नहीं हो सका।
राहुल गांधी का जादू और विपक्ष की एकजुटता
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने बचपन के एक जादूगर का किस्सा सुनाते हुए वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष किया, जिसने सदन का माहौल बदल दिया। विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह बिल महिला सशक्तिकरण के बजाय जनगणना और परिसीमन के बहाने चुनावी नक्शा बदलने की एक कोशिश है। विशेष रूप से 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण और इसमें ओबीसी वर्ग की अनदेखी को विपक्ष ने मुख्य मुद्दा बनाया, जिससे सरकार के पक्ष में आम सहमति नहीं बन पाई।
हार के कारण और राजनीतिक प्रभाव
इस विधेयक के गिरने का मुख्य कारण दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटें घटने की आशंका और क्षेत्रीय असंतुलन का डर रहा। कांग्रेस और सपा जैसे दलों का तर्क था कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए, न कि इसे भविष्य के परिसीमन से जोड़कर लटकाया जाए। इस हार के बाद सत्ता पक्ष की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा ने अब 18 अप्रैल से विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। आगामी विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा एक बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में उभरने की संभावना है।
एक झलक में
- लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिरा, पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
- दो-तिहाई बहुमत की कमी के चलते 12 साल में पहली बार एनडीए सरकार को बड़ा झटका लगा।
- राहुल गांधी ने जादूगर की कहानी के जरिए सरकार की घेराबंदी की और विपक्ष को एकजुट रखा।
- परिसीमन, पुरानी जनगणना और ओबीसी आरक्षण के पेच के कारण विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया।
