सीता जी को भुलाने वाली बीजेपी में दम है तो दे 50% आरक्षण!

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम: टीएमसी सांसद ने सरकार को दी 50 फीसदी आरक्षण की चुनौती

संसद के विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम और परिसीमन विधेयक पर चर्चा काफी तीखी रही। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने सरकार के इस कदम को राजनीतिक पैंतरेबाजी करार देते हुए तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावों में हार की आहट सुनकर केवल ध्यान भटकाने के लिए यह विधेयक लेकर आई है। बनर्जी ने सत्तापक्ष को चुनौती दी कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रति गंभीर है, तो उसे लोकसभा और कैबिनेट में 50 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए, जिसके लिए उनकी पार्टी पूर्ण समर्थन देने को तैयार है।

सांस्कृतिक प्रतीकों और चुनावी रणनीति पर घमासान
चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद ने भाजपा पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाते हुए धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल ‘जय श्री राम’ का नारा लगाती है, जबकि वे ‘जय सिया राम’ कहते हैं, क्योंकि भाजपा ने तो सीता माता को ही भुला दिया है। उन्होंने अपने तर्क को पुष्ट करते हुए बताया कि तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी स्तर पर महिलाओं को लोकसभा में 39 प्रतिशत और राज्यसभा में 46 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। इसके अलावा, उन्होंने भविष्य के लिए मांग रखी कि लोकसभा अध्यक्ष का पद और प्रधानमंत्री का पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए।

विधेयकों के क्रियान्वयन पर उठाए गंभीर सवाल
विपक्ष ने विशेष रूप से परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सरकार को घेरा। कल्याण बनर्जी सहित अन्य विपक्षी नेताओं का मानना है कि जनगणना से पूर्व परिसीमन लागू करना संवैधानिक ढांचे के लिए खतरा है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रक्रियात्मक खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार ने पहले विधेयक के बिना अधिसूचना जारी करने की त्रुटि की और बाद में उसे सुधारने का प्रयास किया। यह संपूर्ण घटनाक्रम सत्तापक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है और भविष्य में चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

एक नजर में

  • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने महिला आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की।
  • विपक्षी दलों ने जनगणना से पहले परिसीमन विधेयक को लागू करने की प्रक्रिया को अनुचित और संवैधानिक रूप से कमजोर बताया।
  • टीएमसी ने भाजपा पर महिला सम्मान के मामले में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और लोकसभा अध्यक्ष पद पर भी महिला आरक्षण का सुझाव दिया।
  • सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी हार से बचने के लिए ‘खेल के नियम बदलने’ जैसा बताया गया।

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