तीन साल में सिर्फ घर ही गिनाए, डिंपल यादव ने अमित शाह से पूछा तीखा सवाल!

महिला आरक्षण विधेयक: डिंपल यादव ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल
ओबीसी आरक्षण और जनगणना का मुद्दा
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना जनगणना के आंकड़े जारी किए जल्दबाजी में यह विधेयक ला रही है, जिसका उद्देश्य ओबीसी महिलाओं को आरक्षण के दायरे से बाहर रखना है। डिंपल यादव का तर्क है कि सरकार परिसीमन की आड़ में आगामी चुनावों के लिए खुद को राजनीतिक रूप से मजबूत करना चाहती है, जिसके लिए ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी को दरकिनार किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर घेराबंदी
डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए महिला सुरक्षा और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को भी उठाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मणिपुर जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा की महिला सांसदों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब तक बुनियादी धरातल पर महिलाओं को सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक आरक्षण का वास्तविक लाभ उन तक नहीं पहुंच पाएगा। इसके अतिरिक्त, संसद में अन्य महिला सांसदों ने भी विधेयक के क्रियान्वयन और सीटों के आवंटन को लेकर अलग-अलग सुझाव दिए हैं।
एक नजर में
- डिंपल यादव ने जनगणना के बिना महिला आरक्षण लागू करने के सरकार के फैसले को ओबीसी महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ बताया है।
- सपा का आरोप है कि सरकार परिसीमन का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
- विपक्ष ने मणिपुर और अंकिता भंडारी जैसी घटनाओं का जिक्र कर महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा।
- सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और पूर्व के कार्यकाल में महिला आरक्षण न लागू करने पर सवाल उठाए हैं।
