“यह भारत नहीं, पाकिस्तान है…” कराची के श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में सजी भव्य डांडिया नाइट

भारत में जहां इन दिनों नवरात्रि और गरबा-डांडिया की धूम मची हुई है, वहीं पाकिस्तान से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सरहद पार से आए इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान है। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से नवरात्रि के जश्न का एक अद्भुत और दिल को छू लेने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कोई यह कह ही नहीं सकता कि यह पाकिस्तान की धरती का नजारा है। यह बिल्कुल किसी भारतीय पंडाल या भव्य मंदिर परिसर जैसा नजर आ रहा है।
वायरल हो रहे इस वीडियो की शुरुआत में एक महिला उत्साह के साथ यह कहते हुए साफ सुनाई देती है कि, “यह भारत नहीं… पाकिस्तान में नवरात्रि है।” इसके तुरंत बाद वीडियो में कराची के मशहूर और ऐतिहासिक श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। मंदिर को बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है और उसके ठीक बीच में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। ढोल-नगाड़ों की थाप और गरबा-डांडिया की धुनों पर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने अपने सिर पर ‘जय माता दी’ की पवित्र पट्टियां बांधी हुई हैं।
वीडियो को शेयर करने वाली यूजर के मुताबिक, इस प्राचीन मंदिर में नवरात्रि का यह पावन पर्व पूरे नौ दिनों तक अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दौरान पारंपरिक पूजा-पाठ, गरबा नाइट्स और प्रसाद वितरण का विशेष आयोजन किया जाता है। हालांकि, स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों को ध्यान में रखते हुए इस उत्सव का समय रात 8 बजे से 12 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें स्थानीय हिंदू परिवारों के लोग बड़ी संख्या में हिस्सा लेने पहुंचते हैं।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, नेटिजन्स की ओर से तरह-तरह की भावुक प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने प्यार जताते हुए लिखा, “भगवान आप सबको हमेशा खुश रखे, भारत से आप सभी को ढेर सारा प्यार।” दूसरे यूजर ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा, “इस वीडियो को देखकर सचमुच मेरा दिन बन गया, काश हम भी इस खूबसूरत पल का हिस्सा बन पाते।” कई लोगों का मानना है कि इस तरह की तस्वीरें सरहदों की तमाम दूरियों को मिटाकर इंसानी दिलों को आपस में जोड़ने का काम करती हैं।
हालांकि, इस वीडियो के सकारात्मक पहलुओं के बीच जमीनी हकीकत को समझना भी बेहद जरूरी है। जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर पाकिस्तान में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की पूरी स्थिति या उनकी सुरक्षा का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान के कई इलाकों में आज भी अल्पसंख्यकों के अधिकारों, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद, तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच अपनी आस्था और संस्कृति को जीवित रखने की ये तस्वीरें इंटरनेट पर एक बहुत ही सकारात्मक और सार्थक बहस को जन्म जरूर दे रही हैं।
