‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’- कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन के बाद अब राष्ट्रपति भवन पहुंचा जेएनयू यौन शोषण विवाद।

‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’- कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन के बाद अब राष्ट्रपति भवन पहुंचा जेएनयू यौन शोषण विवाद।

कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों और उसके बाद खड़े हुए देशव्यापी राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज, मंगलवार (13 अक्टूबर) को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने जा रहा है। इनर मणिपुर से लोकसभा सांसद अकोइजम को हाल ही में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में उनके अध्यापन पद से बर्खास्त कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी द्वारा सेवाएं खत्म करने और उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि अकोइजम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विश्वविद्यालय की पूरी जांच प्रक्रिया पर बड़े सवाल उठाए हैं।

यह प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सोमवार को ही नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय के बाहर बीजेपी की महिला विंग और देश भर से आईं महिला नेताओं ने अकोइजम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एक उग्र विरोध प्रदर्शन किया था। ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अकोइजम को तुरंत पार्टी से बाहर निकाला जाए और वे अपनी लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दें। बीजेपी ने इस बात पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया है कि कांग्रेस नेतृत्व इस गंभीर मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। यह पूरा विवाद जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की 11 छात्राओं द्वारा दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद तूल पकड़ा। पिछले मई महीने में छात्राओं ने वाइवा और कक्षाओं के दौरान अनुचित टिप्पणियों व दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की रिपोर्ट के आधार पर 9 अक्टूबर को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।

दूसरी ओर, आरोपी सांसद अकोइजम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश और “विच हंट” करार दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी कानूनी टीम विश्वविद्यालय के इस एकतरफा फैसले और जांच के तरीकों को कोर्ट में चुनौती देगी। इस बीच, जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की औपचारिक शिकायत के आधार पर दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़क धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जिसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़े अपराध शामिल हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन राष्ट्रपति भवन तक पहुंच रहे इस मामले ने संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा दिया है।

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