TCS नासिक केस पर देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, किसी को नहीं बख्शेंगे!

टीसीएस नासिक मामला: संगठित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोपों से हड़कंप
नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कार्यालय में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने राज्य भर में सनसनी फैला दी है। इस मामले में अब तक सात पुरुष कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। नासिक पुलिस उपायुक्त संदीप कर्णिक ने खुलासा किया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से रोकने और मामले को दबाने का प्रयास किया था।
जांच का दायरा और सीएम की चेतावनी
इस संवेदनशील मामले को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के संकेत दिए हैं। उन्होंने इस कृत्य को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह मामला किसी बड़े मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। आरोपितों में एचआर विभाग के कुछ सदस्यों की मिलीभगत और शिकायतों की अनदेखी के चलते कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में एक महिला आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एक नजर में
- टीसीएस नासिक कार्यालय में कार्यरत 7 पुरुष कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- कंपनी की एचआर और ऑपरेशन प्रमुख पर पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से रोकने और आरोपियों का साथ देने का आरोप है।
- उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की संभावना जताई है।
- पुलिस को संदेह है कि आरोपित कर्मचारी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्यरत थे, जिसकी गहन जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।
