चीन ने ट्रंप के परमाणु परीक्षण दावे को बताया बेबुनियाद

बीजिंग ने रविवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन, रूस और पाकिस्तान गुपचुप तरीके से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन एक ज़िम्मेदार परमाणु शक्ति है और उसने कभी भी परमाणु हथियारों के पहले उपयोग की नीति नहीं अपनाई है। उन्होंने जोड़ा कि बीजिंग आत्मरक्षा के सिद्धांत पर ही चलता है और परमाणु परीक्षण न करने के अपने वादे का सख्ती से पालन कर रहा है।
ट्रंप ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि “रूस और चीन दोनों परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन कोई इसके बारे में बात नहीं करता।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये परीक्षण ज़मीन के नीचे किए जा रहे हैं ताकि कंपन या अन्य संकेतों के अलावा कोई सबूत न मिले। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मच गई और कई विशेषज्ञों ने इसे भारत जैसे देशों के लिए चेतावनी के रूप में देखा।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका के भीतर परमाणु नीति को लेकर चल रहे राजनीतिक तनाव का हिस्सा है। वहीं, चीन ने अपने जवाब में कहा कि वह वैश्विक निरस्त्रीकरण की दिशा में काम कर रहा है और उम्मीद करता है कि वाशिंगटन भी अपनी जिम्मेदारी निभाए। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर वैश्विक परमाणु राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
