विश्वकप फाइनल से पहले हर्मनप्रीत कौर की जीत की प्रतिज्ञा

2005 और 2017—दो मौके जब भारत की महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप ट्रॉफी से कुछ कदम दूर रह गई। खासकर 2017 का लॉर्ड्स फाइनल, जिसकी हार आज भी कप्तान हर्मनप्रीत कौर के ज़ेहन में ताज़ा है। आठ साल बाद वही खिलाड़ी अब कप्तान के रूप में टीम इंडिया को उस अधूरे सपने तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं। रविवार को नवी मुंबई में फाइनल मुकाबले में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।
मैच से पहले हर्मनप्रीत ने कहा, “हम जानते हैं हार का दर्द कैसा होता है, लेकिन इस बार हम जीत की भावना महसूस करना चाहते हैं। कल का दिन खास होगा, और हमें इसके लिए अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम का फोकस मैच का आनंद लेने और सकारात्मक खेल दिखाने पर है, जो पिछले दो मैचों में उनकी सफलता की कुंजी रहा है।
तीन मैच लगातार हारने के बाद भी टीम इंडिया ने हार नहीं मानी और ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई। हर्मनप्रीत का कहना है, “हमने कभी भरोसा नहीं खोया। हमें पता था, फाइनल का रास्ता अभी खुला है। यही आत्मविश्वास हमें यहां तक लाया है।” अब पूरा देश ‘वुमन इन ब्लू’ की पहली विश्वकप जीत का इंतज़ार कर रहा है।
