हरिवंश फिर बनेंगे राज्यसभा के उपसभापति, सर्वसम्मति पर लगी मुहर!

हरिवंश फिर बनेंगे राज्यसभा के उपसभापति, सर्वसम्मति पर लगी मुहर!

राज्यसभा उपसभापति पद के लिए हरिवंश का निर्विरोध चुना जाना तय

सर्वसम्मति से चयन की ओर हरिवंश
राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हरिवंश का पुनः निर्वाचन लगभग सुनिश्चित हो गया है। नामांकन की अंतिम समय सीमा तक उनके समर्थन में कुल पांच प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विभिन्न सहयोगी दलों के नेताओं ने प्रस्तावक की भूमिका निभाई है। विपक्ष द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने के घोषणा के बाद, शुक्रवार को सदन में ध्वनि मत से हरिवंश को उपसभापति चुने जाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

तीसरे कार्यकाल की ओर बढ़ते कदम
यह हरिवंश का उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पूर्व वे अगस्त 2018 और सितंबर 2020 में इस पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इस बार केंद्र सरकार ने उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। संसदीय परंपरा के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सदन के नेता और विपक्ष के नेता उन्हें पद की गरिमा के अनुरूप आसन तक ले जाएंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस निर्विरोध चयन से सदन के संचालन में निरंतरता बनी रहेगी, हालांकि विपक्ष का बहिष्कार आगामी सत्रों में समन्वय की नई चुनौतियों की ओर संकेत करता है।

एक नजर में

  • हरिवंश का राज्यसभा उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल लगभग तय।
  • विपक्ष द्वारा चुनाव का बहिष्कार, सत्ता पक्ष के पांच प्रस्तावों के साथ हरिवंश एकमात्र उम्मीदवार।
  • शुक्रवार को सदन में ध्वनि मत से औपचारिक घोषणा की जाएगी।
  • जेपी नड्डा और मल्लिकार्जुन खड़गे परंपरा के अनुसार नवनिर्वाचित उपसभापति को आसन तक ले जाएंगे।

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