लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने हरिवंश, PM मोदी ने दी बधाई!

हरिवंश तीसरी बार बने राज्यसभा के उपसभापति, रचा इतिहास
ऐतिहासिक चयन और राजनीतिक घटनाक्रम
राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश का निर्विरोध निर्वाचन भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। वे उच्च सदन के लिए मनोनीत सदस्य के तौर पर इस पद को संभालने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। उनका यह तीसरा कार्यकाल उनके अनुभव और सदन के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इस प्रक्रिया के तहत केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने प्रस्ताव पेश किया, जिसका सदन के सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने स्वागत किया। हालांकि, इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान कुछ विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध भी दर्ज कराया।
संसदीय गरिमा और भविष्य की चुनौतियां
सदन के नेता के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश के पत्रकारिता पृष्ठभूमि और उनके सहज कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका तीसरी बार चुना जाना सदन के भरोसे का प्रतीक है। वहीं, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उपसभापति सदन में विपक्ष की आवाज़ को उचित महत्व देंगे और उन्हें पर्याप्त समय प्रदान करेंगे। खरगे ने इस दौरान लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद लंबे समय से रिक्त होने का मुद्दा उठाकर संविधान की भावना के प्रति अपनी चिंता भी साझा की।
एक नजर में
- हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं, जो निर्विरोध निर्वाचित हुए।
- मनोनीत सदस्य के तौर पर इस पद पर नियुक्त होने वाले वे पहले व्यक्ति हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी ने उनके अनुभव की सराहना की, जबकि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही में पर्याप्त भागीदारी की उम्मीद जताई।
- इस निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान विपक्ष के कुछ दलों ने वॉकआउट किया, जबकि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद न होने का मुद्दा भी उठा।
