ट्रंप के दावों पर भड़का ईरान, पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से पहले बढ़ा तनाव

ट्रंप के दावों पर भड़का ईरान, पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से पहले बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘झूठा’ करार दिया है। कलीबाफ का दावा है कि ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में एक घंटे के भीतर सात बड़े झूठ बोले हैं। ईरान की ओर से आया यह कड़ा बयान सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले आया है, जिससे भविष्य के कूटनीतिक रास्तों में बाधा आती दिख रही है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य और घेराबंदी का विवाद

विवाद की मुख्य जड़ हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना और अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी है। दरअसल, इजरायल-लेबनान युद्धविराम के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया था कि जब तक यह युद्धविराम रहेगा, तब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों को रोकना जारी रखेगी। ट्रंप का कहना है कि यह घेराबंदी जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि समझौता लगभग अंतिम चरण में है, लेकिन ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

टकराव का कारण और संभावित प्रभाव

इस कूटनीतिक रस्साकशी का मुख्य कारण दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य घेराबंदी जारी रखता है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी सूरत में नहीं खोला जाएगा। यदि यह गतिरोध बना रहा, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान में होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि ट्रंप के बयानों और ईरान के कड़े रुख ने समझौते की राह को बेहद जटिल बना दिया है।

एक झलक में

  • ईरानी संसद अध्यक्ष ने डोनाल्ड ट्रंप पर एक घंटे में सात झूठ बोलने का आरोप लगाया।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी हटाने को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद गहराए।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी प्रतिबंध और घेराबंदी जारी रहने पर रास्ता नहीं खोला जाएगा।
  • आगामी सोमवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता प्रस्तावित है।