ब्रिटेन में शरण पाने के लिए समलैंगिकता का फर्जीवाड़ा, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासियों का नया पैंतरा

ब्रिटेन में शरण पाने के लिए समलैंगिकता का फर्जीवाड़ा, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासियों का नया पैंतरा

ब्रिटेन में बसने की चाहत में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासियों द्वारा नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, वीजा की अवधि समाप्त होने के कगार पर खड़े प्रवासी अब खुद को समलैंगिक बताकर शरण मांग रहे हैं। इस फर्जीवाड़े के पीछे इमिग्रेशन एडवाइजर्स और वकीलों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो प्रवासियों को सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर ब्रिटेन में रुकने का लालच दे रहे हैं।

वकीलों का संगठित सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज

यह पूरा खेल ‘परामर्श शुल्क’ के नाम पर वसूली जा रही मोटी रकम पर टिका है। कुछ वकील करीब 7,000 यूरो लेकर प्रवासियों को समलैंगिक होने का झूठा दावा करने और उससे जुड़े फर्जी सबूत, जैसे निजी कहानियां, तस्वीरें और मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करने की सलाह दे रहे हैं। चूंकि पाकिस्तान और बांग्लादेश में समलैंगिकता गैरकानूनी है, इसलिए इन दावों का आधार यह बनाया जाता है कि स्वदेश लौटने पर उनकी जान को खतरा है। वर्ष 2025 में इस तरह के आवेदनों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

सिस्टम का दुरुपयोग और सख्त कार्रवाई की चेतावनी

इस प्रवृत्ति के बढ़ने का मुख्य कारण शरण मिलने की उच्च संभावना है, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कई मामलों में पहचान पूरी तरह फर्जी थी। ब्रिटेन के प्रशासन ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग करने वालों को न केवल कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें देश से निष्कासित भी किया जा सकता है। इस फर्जीवाड़े से उन वास्तविक शरणार्थियों के हितों को भी नुकसान पहुंच रहा है जिन्हें वास्तव में मानवीय सुरक्षा की आवश्यकता है।

एक झलक में

  • पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासी वीजा बढ़ाने के लिए खुद को समलैंगिक बताकर शरण मांग रहे हैं।
  • वकील और सलाहकार 7,000 यूरो तक की फीस लेकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और सबूत तैयार करवा रहे हैं।
  • 2025 में इस तरह के आवेदनों की संख्या 1 लाख से अधिक हो चुकी है।
  • ब्रिटिश प्रशासन ने प्रणाली के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई और निष्कासन की चेतावनी दी है।