BCCI New Rule: ‘मैच खेलेंगे तभी मिलेगा करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट’, BCCI बना रहा नया नियम

पिछले कुछ महीनों में चोटों के कारण भारतीय टीम के कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। अब केवल प्रदर्शन या सीनियोरिटी ही काफी नहीं होगी, बल्कि खिलाड़ी पूरे सीजन में खेलने के लिए कितना उपलब्ध (Match Availability) और फिट रहता है, इसे भी केंद्रीय अनुबंध का मुख्य आधार बनाया जा सकता है।
संभावित नए नियम की मुख्य बातें:
- सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का पात्र बनने के लिए खिलाड़ियों को एक सीजन में एक तय सीमा तक मैचों के लिए उपलब्ध रहना होगा।
- सिर्फ मैदान पर अच्छा प्रदर्शन ही काफी नहीं होगा; लगातार चोटिल रहने या बाहर रहने से अनुबंध पर असर पड़ सकता है।
वर्तमान स्थिति: BCCI सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव अभी चर्चा के शुरुआती चरण में है। चोटों से संबंधित नियमों और कितने प्रतिशत मैच अनिवार्य होंगे, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यदि यह नियम लागू होता है, तो तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ियों पर अपनी फिटनेस बनाए रखने का दबाव काफी बढ़ जाएगा।
