अन्नपूर्णा योजना पर बड़ा संकट! नवंबर में लाखों महिलाओं के बैंक खातों से कटेगा नाम

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘अन्नपूर्णा योजना’ को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जून महीने से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। हालांकि, आवेदन प्रक्रिया और सरकारी सत्यापन (Verification) के बाद कई अयोग्य आवेदनों को पहले ही खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब त्योहारी सीजन खत्म होते ही नवंबर महीने से लाखों और लाभार्थियों के बैंक खातों को इस सूची से बाहर करने की तैयारी कर ली गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य प्रशासन द्वारा चलाई जा रही गहन जांच प्रक्रिया में कई तकनीकी और दस्तावेजी खामियां पाई गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिन महिलाओं के बैंक खातों में अभी तक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें आने वाले महीने से 3,000 रुपये की किस्त जारी नहीं की जाएगी। इसके अलावा, कई ऐसे मामले भी प्रकाश में आए हैं जहां महिलाएं नियमों का उल्लंघन करते हुए अन्नपूर्णा योजना के साथ-साथ विधवा पेंशन या अन्य सरकारी भत्ते भी एक साथ ले रही थीं। ऐसे सभी दोहरे लाभ उठाने वाले खातों को चिन्हित कर उनका नाम योजना से हमेशा के लिए हटाने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही बैंक खाते से आधार कार्ड का लिंक न होना (Aadhaar-DBT Seeding) भी योजना का लाभ रोकने का एक बड़ा कारण बन गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रक्रिया के तहत केवल उन्हीं बैंक खातों में पैसे भेजे जाएंगे जो आधार से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। यदि किसी लाभार्थी का खाता आधारीकृत नहीं है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए, नवंबर की किस्त बिना किसी बाधा के प्राप्त करने के लिए सभी लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आधार लिंकिंग और केवाईसी संबंधी आवश्यक प्रक्रिया को समय रहते पूरा कर लें।
