92 वर्ष की उम्र में फिर राष्ट्रपति बने पॉल बिया
कैमरून के 92 वर्षीय नेता पॉल बिया ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। सोमवार को देश की संवैधानिक परिषद ने राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित किए, जिसमें बिया को 53.66% मत मिले। इस जीत के साथ वे लगातार आठवीं बार देश के राष्ट्रपति बने हैं और दुनिया के सबसे उम्रदराज़ राष्ट्रप्रमुख का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनके प्रतिद्वंद्वी ईसा चिरोमा बकारी को 35.19% वोट मिले।
1982 में पहली बार राष्ट्रपति बने पॉल बिया पिछले 43 वर्षों से कैमरून की सत्ता संभाल रहे हैं। यह अपने आप में एक वैश्विक रिकॉर्ड है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिया की यह जीत देश की स्थिरता का प्रतीक है, लेकिन साथ ही यह लोकतांत्रिक प्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। संविधान के अनुसार, नए राष्ट्रपति को 15 दिनों के भीतर शपथ ग्रहण करना होगा, जहां सांसदों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मौजूद रहेंगे।
हालांकि, चुनाव परिणामों पर विवाद भी जारी है। विपक्ष ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं। प्रतिद्वंद्वी बकारी ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने उनके समर्थकों पर गोलियां चलाईं। देश के कई हिस्सों में बिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं, जिनमें हिंसा और गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं। इसके बावजूद, पॉल बिया ने यह साबित कर दिया है कि उनका राजनीतिक प्रभाव अब भी कायम है।
