जीएसटी सुधार से घर खरीदना होगा आसान

सरकार जीएसटी ढांचे को सरल और समान बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत आ सकती है। फिलहाल निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, स्टील, टाइल्स और पेंट पर अलग-अलग दरों से टैक्स लगाया जाता है। उदाहरण के तौर पर सीमेंट और पेंट पर 28% तक टैक्स, जबकि स्टील पर 18% जीएसटी वसूला जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स दरों को घटाकर और समान करने से बिल्डरों की लागत कम होगी और इसका सीधा असर घर की कीमत पर पड़ेगा।

किफायती आवास पर पहले से ही सिर्फ 1% जीएसटी लागू है, इसलिए इस श्रेणी में बड़ा बदलाव संभव नहीं है। हालांकि, अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुविधा दी जाती है, तो डेवलपर्स का खर्च कुछ और घट सकता है, जिससे खरीदारों को मामूली राहत मिलेगी। निर्माण लागत में पिछले पांच वर्षों में करीब 40% की वृद्धि देखी गई है। ऐसे में टैक्स में कटौती से डेवलपर और खरीदार दोनों को राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्यादा फायदा मध्यम वर्ग को मिलेगा, क्योंकि टैक्स घटने का सीधा असर घर की अंतिम कीमत और ईएमआई पर पड़ेगा। वहीं, लग्ज़री प्रोजेक्ट्स पर इसका उल्टा असर हो सकता है। यदि महंगे इम्पोर्टेड मटीरियल को ऊंचे टैक्स स्लैब में रखा गया, तो बिल्डरों को या तो कीमतें बढ़ानी होंगी या मुनाफे में कटौती करनी पड़ेगी।