दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण पर कड़े कदम

दिल्ली प्रदूषण लगातार संकट बना हुआ है, और इसी हालात में आयोग ने राजधानी में और सख्त कदम लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। दिवाली के बाद से हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है, जिससे ‘खतरनाक’ स्तर तक पहुंच चुके एक्यूआई ने प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क कर दिया है। आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान में संशोधन करते हुए साफ किया है कि स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए अब त्वरित और कड़े उपायों की जरूरत है।
फिलहाल शहर में GRAP-3 लागू है, लेकिन लगातार खराब हो रही हवा को देखते हुए GRAP-4 लागू करने पर विचार चल रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि इस स्तर पर “सरकारी और निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों को घर से काम कराने का विकल्प गंभीरता से देखना होगा।” इसके साथ ही निर्माण गतिविधियों पर भी सख्त निगरानी की जा सकती है। एनसीआर के सभी संबंधित विभागों को संशोधित दिशा-निर्देश तुरंत लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
इस बीच, दिल्ली सरकार द्वारा कराए गए क्लाउड सीडिंग के ट्रायल से भी उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद बारिश न के बराबर हुई, जबकि प्रदूषण लगातार बढ़ता गया। कई नागरिक हालात से नाराज़ होकर इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन के लिए उतरे, जिनमें कुछ को अनुमति न होने के कारण पुलिस ने हिरासत में भी लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण तभी प्रभावी होगा, जब प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक सहयोग दोनों साथ आएंगे।
