सिर्फ ५ रुपये में मिल रही है ‘अन्नापूर्णा योजना’! नाम सुनकर चौंक जाएंगे आप

सिर्फ ५ रुपये में मिल रही है ‘अन्नापूर्णा योजना’! नाम सुनकर चौंक जाएंगे आप

पूजा बाजार में इन दिनों महज ५ रुपये में ‘अन्नापूर्णा योजना’ मिल रही है! सुनने में यह बात भले ही अजीब लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है। दुकानदार को सिर्फ पांच रुपये थमाते ही ग्राहकों के हाथ में ‘अन्नापूर्णा योजना’ का पैकेट आ रहा है। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मार्कोनी दक्षिण पल्ली के एक दुर्गा पूजा पंडाल के सामने यह अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, जहां एक महिला विक्रेता चिप्स के पैकेट बेच रही है और इन पैकेटों पर साफ-साफ ‘अन्नापूर्णा योजना’ लिखा हुआ है।

आमतौर पर ‘अन्नापूर्णा योजना’ का नाम आते ही किसी सरकारी कल्याणकारी योजना या वित्तीय सहायता का खयाल आता है। बीजेपी राज्य सरकार की इस लोकप्रिय योजना के तहत कई महिलाओं को हर महीने आर्थिक लाभ मिलता है। हालांकि, पूजा बाजार में बिकने वाले इस ५ रुपये के पैकेट में कोई सरकारी रकम नहीं मिल रही, बल्कि इसके अंदर स्वादिष्ट और चटपटे चिप्स हैं। पैकेट पर ‘अन्नापूर्णा योजना’ लिखा होने के कारण बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई इसे देखने के लिए उत्सुक है।

त्योहार के इस सीजन में पूजा पंडालों में भारी भीड़ उमड़ रही है। इस भीड़ के बीच बच्चों के बीच यह ५ रुपये वाला पैकेट बेहद लोकप्रिय हो चुका है। कीमत बेहद कम यानी सिर्फ पांच रुपये होने के कारण माता-पिता की जेब पर भी कोई खास बोझ नहीं पड़ रहा है। यही वजह है कि लोग पूजा घूमने के दौरान अपने बच्चों की जिद पूरी करने के लिए धड़ल्ले से ये चिप्स खरीद रहे हैं। महिला विक्रेता का कहना है कि इन चिप्स की बिक्री बहुत अच्छी हो रही है। बच्चों के बीच इसकी भारी मांग है और पूजा के दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ ही इसकी बिक्री में भी भारी इजाफा हुआ है।

भले ही इसका नाम किसी बड़ी सरकारी योजना से मिलता-जुलता है, लेकिन इस पैकेट का वास्तविक सरकारी ‘अन्नापूर्णा योजना’ से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल एक खाद्य सामग्री का पैकेट है, जो अपनी अनोखी नामकरण शैली के कारण ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा है। इस अनोखे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के जिला प्रवक्ता सुमन मंडल ने कहा कि इस खाद्य पैकेट का सरकारी योजना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के पैकेट को देखकर उन्हें भी काफी हैरानी और हंसी आई, क्योंकि बच्चों के बीच इसका क्रेज साफ दिख रहा है। उनका मानना है कि यदि इस पैकेट पर किसी चर्चित सरकारी योजना का नाम न होता, तो शायद बाजार में इसकी इतनी मांग नहीं होती। कुल मिलाकर, सरकारी योजना के नाम से मिलती-जुलती यह अनोखी चीज इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है।

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