ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़का ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की दी बड़ी चेतावनी

ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़का ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की दी बड़ी चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो तेहरान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर देगा। यह बयान ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने नाकाबंदी को पूरी शक्ति के साथ जारी रखने की बात कही थी।

सोशल मीडिया पर वाकयुद्ध

गालिबफ ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक घंटे के भीतर सात अलग-अलग दावे किए और वे सभी पूरी तरह झूठे थे। ईरानी स्पीकर ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा निर्धारित नियमों और मंजूरी का पालन करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जलमार्ग का नियंत्रण जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थितियों से तय होगा, न कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए।

संघर्ष-विराम और वैश्विक व्यापार पर असर

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की थी कि लेबनान में संघर्ष-विराम की अवधि के दौरान होर्मुज जलमार्ग वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। हालांकि, ट्रंप के अड़ियल रुख ने इस स्थिति को अनिश्चित बना दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए यह जलडमरूमध्य बेहद संवेदनशील है और इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है।

कूटनीतिक गतिरोध का कारण

मौजूदा विवाद की मुख्य जड़ अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई सख्त नौसैनिक नाकाबंदी है। ट्रंप का कहना है कि यह तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान के साथ लंबित समझौतों पर उनकी शर्तों के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती। दूसरी ओर, ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग सैन्य कार्रवाई में बदलती है, तो क्षेत्र में स्थिरता और वैश्विक समुद्री व्यापार को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

एक झलक में

  • ईरानी संसद अध्यक्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी।
  • डोनल्ड ट्रंप के ‘झूठे दावों’ और नौसैनिक नाकाबंदी का ईरान ने किया कड़ा विरोध।
  • ईरान के अनुसार जलमार्ग का नियंत्रण सोशल मीडिया के बजाय नियमों से होगा।
  • वैश्विक तेल व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराए।