ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी, समझौता नहीं हुआ तो फिर शुरू होगी बमबारी

ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी, समझौता नहीं हुआ तो फिर शुरू होगी बमबारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष विराम को आगे न बढ़ाने के कड़े संकेत देकर पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट तेज कर दी है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी बुधवार, 22 अप्रैल तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बनती, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर सकता है। राष्ट्रपति के इस बयान ने राजनयिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका को दोबारा बम गिराना शुरू करना पड़ेगा।

सख्त रुख और नाकेबंदी का दबाव

ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भले ही संघर्ष विराम की समय सीमा समाप्त हो जाए, लेकिन ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी निरंतर जारी रहेगी। अमेरिका इस रणनीति के जरिए ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए रखना चाहता है ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौते के लिए मजबूर किया जा सके। इस सख्त रुख का मुख्य कारण पिछली वार्ताओं का बेनतीजा रहना माना जा रहा है, जिससे अमेरिकी नेतृत्व का धैर्य अब जवाब दे रहा है।

इस्लामाबाद में आखिरी कूटनीतिक कोशिश

तनाव के इस चरम दौर के बीच, सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल रविवार तक वहां पहुंच सकते हैं। यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1979 की क्रांति के बाद पहली बार दोनों देश आमने-सामने बैठकर कूटनीतिक समाधान तलाश रहे हैं। यदि इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक विफल रहती है, तो पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष छिड़ने की आशंका है।

एक झलक में

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने 22 अप्रैल के बाद सीजफायर को आगे न बढ़ाने और बमबारी शुरू करने की चेतावनी दी है।
  • किसी भी स्थिति में ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला लिया गया है।
  • समझौते की अंतिम कोशिश के तहत सोमवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होगी।
  • पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस बैठक पर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और स्थिरता टिकी है।