क्या फिर होगा ऑपरेशन सिंदूर, सीडीएस अनिल चौहान ने सेना को दिए बड़े संकेत

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहने का कड़ा संदेश दिया है। उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के निकट एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाई के दोहराव की संभावनाओं की ओर इशारा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की चुनौतियां पहले जैसी नहीं होंगी, इसलिए भारतीय सेना को पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ उभरती तकनीकों में तालमेल बिठाना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि और भविष्य की रणनीति
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए थे और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया था। सीडीएस ने जोर देकर कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच गहरा समन्वय भविष्य के युद्धों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे आधुनिक क्षेत्रों में रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता जताई।
थिएटर कमांड और सैन्य सुधारों पर जोर
सैन्य सुधारों की दिशा में सरकार एकीकृत थिएटर कमांड स्थापित करने की योजना को गति दे रही है। इसके तहत तिरुवनंतपुरम, जयपुर और लखनऊ में प्रस्तावित कमांड समुद्री, पश्चिमी और उत्तरी खतरों से निपटेंगे। जनरल चौहान के अनुसार, थिएटर कमांड व्यवस्था भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक उन्नत ढांचा प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य सूचनात्मक प्रभुत्व हासिल करना और सामरिक श्रेष्ठता बनाए रखना है ताकि किसी भी दुश्मन के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
एक झलक में
- सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सशस्त्र बलों को भविष्य के बड़े अभियानों के लिए तैयार रहने को कहा।
- मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए सैन्य शक्ति और प्रतिशोध की क्षमता को दोहराया।
- तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय के लिए थिएटर कमांड के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।
- साइबर स्पेस और नई तकनीकों को सैन्य ढांचे का अहम हिस्सा बनाने की रणनीति साझा की।
