ऋतब्रत कैंप में बड़ा झटका! महिला अध्यक्ष सबीना यासमीन ने छोड़ा पद

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तथाकथित लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस (Democratic Trinamool Congress) में एक बार फिर बड़ी सेंध लगी है। अंदरूनी कलह और राजनीतिक सरगर्मी के बीच, ऋतब्रत कैंप की महिला कांग्रेस अध्यक्ष सबीना यासमीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि उन्होंने अपने त्यागपत्र में खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया है और यह भी स्पष्ट किया है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं, लेकिन उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
सबीना यासमीन द्वारा लिखे गए त्यागपत्र का एक खास पहलू बेहद चौंकाने वाला और राजनीतिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने इस पत्र में उन्होंने कहीं भी ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ या लोकतांत्रिक तृणमूल का नाम तक नहीं लिखा है। इसके विपरीत, उन्होंने सीधे तौर पर बिप्लब मित्रा को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष’ के रूप में संबोधित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालदा जिले की इस कद्दावर नेत्री के पत्र में इस तरह से मूल पार्टी के नेता का नाम उल्लेख करना इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करता है कि वह अंदरखाने किस दिशा में सोच रही हैं। आपको बता दें कि ऋतब्रत कैंप का नेतृत्व शुरू से ही यह दावा करता रहा है कि वे वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मूल तृणमूल का ही हिस्सा हैं। लेकिन सबीना यासमीन के इस पत्र के सामने आने के बाद यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या वह जल्द ही औपचारिक रूप से मुख्यधारा की तृणमूल कांग्रेस में वापसी करने जा रही हैं? या फिर मालदा के राजनीतिक समीकरणों में कोई बहुत बड़ा बदलाव होने वाला है?
चुनावी मौसम और राजनीतिक उठापटक के इस दौर में सबीना यासमीन का यह इस्तीफा ऋतब्रत शिवर के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। जिला स्तर पर लगातार हो रही इस तरह की टूट-फूट और असंतोष से ऋतब्रत कैंप की पकड़ कमजोर पड़ती नजर आ रही है। फिलहाल, सबीना के इस कदम के बाद उत्तर बंगाल से लेकर कोलकाता तक की राजनीतिक गलियारों में बैठकों और कयासों का दौर तेज हो गया है, और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
