‘अब नई चीजें करने में भी डर लगने लगा है’: चिंगरीहाटा हादसे पर बोलीं मंत्री अग्निमित्रा पाल

‘अब नई चीजें करने में भी डर लगने लगा है’: चिंगरीहाटा हादसे पर बोलीं मंत्री अग्निमित्रा पाल

शहर को अधिक सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल लगातार प्रयास कर रही हैं। शहर के प्रमुख मार्गों और फ्लाईओवर पर रंग-रोगन का काम पहले ही किया जा चुका है, और अब उन्होंने शहर को संवारने के लिए एक और नई योजना की घोषणा की है। हालांकि, हालिया विवादों और आलोचनाओं के बाद उनके भीतर एक चिंता भी साफ झलक रही है। उन्होंने कहा, “अब कुछ नया करने में भी डर लगने लगा है, क्योंकि थोड़ा सा भी कुछ करते ही हंगामा खड़ा हो जाता है।” दरअसल, हाल ही में चिंगरीहाटा ब्रिज पर कुछ बाइक सवारों के फिसलने (स्किड करने) का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने सड़क पर किए गए रंगों को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया था, जिस पर मंत्री ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अपनी नई योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री ने कहा कि पुलों के नीचे खाली पड़ी जगहों के दोनों तरफ नेट लगाकर सुरक्षित घेराबंदी की जाएगी और वहां खेलकूद की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उदाहरण के तौर पर वहां टेबल टेनिस कोर्ट या कैरम खेलने की व्यवस्था की जा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे गरियाहाट ब्रिज के नीचे चेस (दूरी) खेलने की व्यवस्था की गई है।

हाल ही में हुई बाइक दुर्घटना और सड़क पर रंग होने के विवाद पर बोलते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पहिये कई वजहों से फिसल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जब वह हाईवे से लौट रही थीं, तो एक बड़ा हादसा देखा, वहां तो कोई रंग नहीं था। इसलिए यह मान लेना पूरी तरह गलत है कि सिर्फ रंग होने की वजह से ही गाड़ियां फिसल रही हैं। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेकर उचित कदम उठाया है।

विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए मंत्री ने कहा कि हम जनता की भलाई और शहर को सुंदर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। पिछले 15 सालों में न तो शहर को संवारा गया और न ही लोगों की बुनियादी शिक्षा-स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया। पानी मुहैया कराना और साफ-सफाई रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी शहर का सौंदर्यीकरण करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह काम किसी से चंदा मांगकर या भ्रष्टाचार के पैसे से नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों के साथ बैठकें की जा रही हैं और CSR फंड के जरिए कोलकाता, हावड़ा और सिलीगुड़ी में रखरखाव के अभाव में पड़े खुले मैदानों तथा फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगहों को विकसित करने की योजना है। इन मैदानों की एक सूची भी तैयार कर ली गई है ताकि जल्द से जल्द सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया जा सके।

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