अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा के लिए भारत ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा के लिए भारत ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी

भारत ने ईरान से दो टूक शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही को लेकर वैश्विक नियमों का पालन अनिवार्य है। कोलंबो में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी रुकावट के आवाजाही के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। यह बयान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा शनिवार को भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर की गई फायरिंग के जवाब में आया है।

समुद्री नियमों का उल्लंघन और चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा भारत के लिए प्राथमिकता है। भारत ने ईरान को संदेश दिया है कि ये नियम वैश्विक व्यापार की निरंतरता के लिए आवश्यक हैं। इस तरह की घटनाओं से न केवल नाविकों की जान को खतरा होता है, बल्कि समुद्री व्यापार में अस्थिरता भी पैदा होती है। भारत ने दो टूक शब्दों में इन नियमों को होर्मुज पर भी पूरी तरह लागू करने की मांग की है।

आर्थिक और सामरिक प्रभाव
समुद्री मार्गों पर असुरक्षा के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और शिपिंग लागत में वृद्धि की संभावना बनी रहती है। भारत अपनी समुद्री संपदा और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह सक्रियता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समुद्री सुरक्षा को लेकर उसके बढ़ते प्रभाव और चिंता को दर्शाती है।

एक झलक में

भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद भारत ने ईरान से नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन पर जोर दिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को वैश्विक व्यापार के लिए अनिवार्य बताया गया।

भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।