बिंदी और तिलक विवाद ने बढ़ाई लेंसकार्ट की मुसीबत, शेयर बाजार में डूबे 4500 करोड़!

बिंदी और तिलक विवाद ने बढ़ाई लेंसकार्ट की मुसीबत, शेयर बाजार में डूबे 4500 करोड़!

देश की दिग्गज आईवियर कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस इन दिनों एक पुराने आंतरिक दस्तावेज के कारण विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर कंपनी की एक पुरानी ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’ वायरल होने के बाद हंगामा मच गया, जिसमें कथित तौर पर कर्मचारियों को तिलक और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक लगाने से रोका गया था। इस मुद्दे ने तूल पकड़ा और इंटरनेट पर कंपनी के बायकॉट की मांग उठने लगी, जिसका सीधा असर सोमवार को शेयर बाजार पर दिखाई दिया।

मार्केट वैल्यूएशन में भारी गिरावट सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लेंसकार्ट के शेयरों में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते कंपनी की कुल वैल्यूएशन में 4,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई। पिछले हफ्ते के 92,872 करोड़ रुपये के मुकाबले कंपनी की वैल्यूएशन गिरकर 88,331 करोड़ रुपये के निचले स्तर पर आ गई। हालांकि, दोपहर बाद शेयरों में कुछ रिकवरी जरूर हुई, लेकिन शुरुआती नुकसान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

कंपनी की सफाई और नई गाइडलाइन मामले की गंभीरता को देखते हुए लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना है और कंपनी की मौजूदा नीतियों का हिस्सा नहीं है। कंपनी ने अब एक नई ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी की है, जिसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक प्रतीकों को पहनने की स्पष्ट अनुमति दी गई है। कंपनी ने दोहराया कि वे सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करते हैं।

एक झलक

  • धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी के आरोप के बाद लेंसकार्ट के शेयरों में 5% की गिरावट आई।
  • विवाद के कारण कंपनी को एक ही दिन में 4,540 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
  • फाउंडर पीयूष बंसल ने माफी मांगते हुए वायरल पॉलिसी को पुराना करार दिया।
  • नई पॉलिसी में तिलक, बिंदी और हिजाब सहित सभी धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है।