लोकसभा में काले रंग पर घमासान, कनिमोझी ने पीएम मोदी पर कसा तीखा तंज!

लोकसभा में काले रंग पर घमासान, कनिमोझी ने पीएम मोदी पर कसा तीखा तंज!

महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में घमासान: कनिमोझी ने पीएम मोदी के ‘काला टीका’ वाले तंज का दिया जवाब

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जारी चर्चा के बीच डीएमके सांसदों के विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक गरमाहट बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसदों के काले कपड़ों को ‘शुभ कार्य के लिए लगाया गया काला टीका’ बताए जाने पर डीएमके सांसद कनिमोझी ने पलटवार किया है। कनिमोझी ने काले रंग का बचाव करते हुए इसे अपने वैचारिक नेता पेरियार के आत्मसम्मान और नारी शक्ति के प्रतीक ‘मां काली’ से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुत्व का दावा करते हैं, उन्हें काले रंग की महिमा को समझना चाहिए।

परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत में चिंता

डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने स्पष्ट किया कि काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण परिसीमन विधेयक को लेकर उपजा भय है। दक्षिण भारतीय राज्यों को यह आशंका है कि 2011 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन से उनकी लोकसभा सीटों की संख्या कम हो सकती है, जिससे संसद में उनकी राजनीतिक आवाज कमजोर हो जाएगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी चेतावनी दी है कि यह प्रक्रिया उन राज्यों को अनुचित लाभ देगी जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने इन चिंताओं को खारिज करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में आश्वासन दिया है कि परिसीमन प्रक्रिया से दक्षिण के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी और आवंटन समानता के आधार पर किया जाएगा। इसके बावजूद, डीएमके इस विधेयक पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श की मांग पर अड़ी है और इसे तीन महीने के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखने का आग्रह कर रही है।

एक नजर में

  • डीएमके सांसदों ने काले कपड़े पहनकर परिसीमन विधेयक का विरोध दर्ज कराया है।
  • कनिमोझी ने काले रंग को पेरियार के आत्मसम्मान और मां काली की शक्ति का प्रतीक बताया है।
  • दक्षिण भारत को डर है कि परिसीमन से लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।
  • सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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