TCS धर्मांतरण विवाद: प्रेग्नेंट निदा खान ने लगाई जमानत की गुहार!

टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामला: एचआर हेड निदा खान ने मांगी अग्रिम जमानत
कानूनी घेरे में एचआर हेड
टीसीएस की नासिक बीपीओ यूनिट में सामने आए जबरन धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले में नामजद आरोपी और एचआर हेड निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। निदा ने अपनी याचिका में स्वास्थ्य कारणों और गर्भावस्था का हवाला देते हुए राहत की मांग की है। पुलिस फिलहाल निदा की तलाश कर रही है और उसे हिरासत में लेने की तैयारी में है, ताकि इस पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
यौन शोषण और उत्पीड़न का लंबा सिलसिला
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि कंपनी की नासिक यूनिट में पिछले चार वर्षों से यह घिनौना खेल चल रहा था। आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर गठित विशेष जांच दल (SIT) अब तक सात मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है। पीड़ितों का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा न केवल उनका शारीरिक शोषण किया गया, बल्कि एचआर विभाग में शिकायत करने के बावजूद इसे नजरअंदाज कर शिकायतों को दबाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों को जबरन नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने जैसी गंभीर शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।
कंपनी की स्थिति और भविष्य की चुनौतियां
इस विवाद पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि कंपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का पालन करती है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रही है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर आरोपों ने वर्कप्लेस की सुरक्षा और कॉर्पोरेट प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी और अन्य एजेंसियां इस दिशा में काम कर रही हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक यह उत्पीड़न कैसे जारी रहा और इसमें और कौन-कौन से चेहरे शामिल हो सकते हैं।
एक नजर में
- नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में एचआर हेड निदा खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
- पुलिस अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं एसआईटी घटना की गहराई से जांच कर रही है।
- पीड़िता कर्मचारियों का आरोप है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक उन्हें मानसिक व शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया।
- कंपनी ने मामले पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का दावा करते हुए जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
