भारत की ओर जा रहे रूसी तेल टैंकर को बीच समुद्र में रोका गया

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हलचल तब मच गई जब भारत की ओर आ रहा एक रूसी तेल टैंकर अचानक बीच समुद्र में दिशा बदलकर बाल्टिक सागर की ओर लौट गया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ‘फुरिया’ नामक जहाज रूस के प्रिमोर्स्क बंदरगाह से 20 अक्टूबर को रवाना हुआ था और इसे नवंबर के मध्य तक गुजरात के सिका पोर्ट पहुंचना था। इस जहाज में लगभग 7.3 लाख बैरल रूसी तेल लदा था, जो रिलायंस और भारत पेट्रोलियम के रिफाइनरियों के लिए निर्धारित बताया गया था।

टैंकर का यह अप्रत्याशित मोड़ ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने हाल ही में रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल खरीद बंद करने का आश्वासन दिया है—एक बयान जिसे भारत ने सख्ती से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई संवाद या वादा हुआ ही नहीं।

हालांकि, टैंकर की दिशा बदलने की घटना ने इस दावे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दबाव की रणनीति का हिस्सा हो सकता है या वैश्विक तेल आपूर्ति मार्गों में अस्थायी फेरबदल। फिर भी, भारत की ऊर्जा नीति में कोई औपचारिक बदलाव अभी तक सामने नहीं आया है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह रुख कायम रहेगा या नई भू-राजनीतिक परिस्थितियां भारत को अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिए मजबूर करेंगी।