मध्य पूर्व में हमले रोकने से लेकर प्रतिबंध हटाने तक: होर्मुज को खोलने के लिए ईरान ने रखीं कई शर्तें, क्या मानेंगे ट्रंप?

हमलों और पलटवार के कारण मध्य पूर्व का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इस स्थिति के बीच, ईरान ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए नई शर्तों का एक सेट रखा है। इनमें सबसे प्रमुख मांग यह है कि अमेरिका को मध्य पूर्व में अपने सैन्य अभियानों को तुरंत रोकना होगा और तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना होगा। लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति वास्तव में इन शर्तों को स्वीकार करेंगे?
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपने रवैये में सुधार नहीं करता, तब तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद बाघेर ज़ोलघादर ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि होर्मुज तभी खोला जाएगा जब अमेरिका ईरान की शर्तों को मानेगा।
ईरान की प्रमुख शर्तें:
- अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सैन्य हमले तुरंत बंद करे।
- तेहरान को कोई धमकी न दी जाए।
- ईरान के सहयोगियों के खिलाफ भी युद्ध बंद किया जाए।
- ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाए और सेना को वापस बुलाया जाए।
- ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
- तेहरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त किया जाए।
हालांकि, वाशिंगटन ने अभी तक इस पूरे मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शर्तों के जरिए ईरान दरअसल वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग पर अपना आर्थिक नियंत्रण स्थापित करना चाहता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर गहरा असर पड़ सकता है। इसलिए, ट्रंप ईरान की शर्तों को मानेंगे या नहीं, इसे लेकर काफी संदेह है।
