‘उत्तम कुमार की शुरुआती फिल्में फ्लॉप रहीं, फिर भी…’ ‘मन की बात’ में महानायक को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?

3 सितंबर को बंगाली सिनेमा के ‘महानायक’ उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 1948 में फिल्म ‘दृष्टिदान’ से करियर की शुरुआत करने वाले उत्तम कुमार की शुरुआती कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थीं, लेकिन 1952 में ‘बसु परिवार’ और 1953 में ‘साढ़े चुयात्तर’ ने उनके करियर को नई दिशा दी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि दिग्गज निर्देशक सत्यजीत रे ने अपनी मशहूर फिल्म ‘नायक’ की पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर ही लिखी थी। सत्यजीत रे के हवाले से पीएम ने कहा कि उत्तम कुमार में अद्भुत भावनात्मक गहराई और एक खास सुरुचि थी। ‘अग्निपरीक्षा’, ‘हारानो सुर’, ‘सप्तपदी’ जैसी कई क्लासिक फिल्में देने वाले और 1967 में ‘एंथनी फिरंगी’ व ‘चिड़ियाखाना’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले उत्तम कुमार आज भी हर भारतीय सिनेमा प्रेमी के दिल में जीवित हैं।
