ईरान ने ठुकराया शांति वार्ता का प्रस्ताव!

ईरान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। तेहरान ने इस फैसले के पीछे वाशिंगटन की बेतुकी मांगों और उसके बदलते कूटनीतिक रुख को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपनी जिद और अड़ियल रवैया नहीं छोड़ेगा, तब तक किसी भी स्तर की बातचीत संभव नहीं है।
होर्मुज में सैन्य नाकेबंदी और तनाव की स्थिति
ईरानी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य नाकेबंदी जारी रहने तक वे मेज पर नहीं आएंगे। इस कड़े रुख के कारण क्षेत्र में हालात और बिगड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ईरान का मानना है कि अमेरिका का अस्थिर रुख वार्ता की राह में सबसे बड़ी बाधा है।
एक झलक में
ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता का प्रस्ताव खारिज किया।
वाशिंगटन की ‘बेतुकी मांगों’ को शांति वार्ता में रुकावट बताया।
होर्मुज में सैन्य नाकेबंदी हटने तक ईरान बातचीत को तैयार नहीं है।
इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने के आसार हैं।
