नारी शक्ति वंदन अधिनियम: आधी आबादी को अधिकार देने के लिए पीएम मोदी की सांसदों से बड़ी अपील!

महिला आरक्षण पर सर्वसम्मति की अपील
लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर मतदान से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से विधेयक के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने संसद में चली लंबी चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि इस विषय पर व्याप्त सभी भ्रमों और आशंकाओं का तार्किक समाधान कर दिया गया है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश की आधी आबादी के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए अपना समर्थन दें।
ऐतिहासिक सुधार और लोकतंत्र की मजबूती
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि चार दशकों से महिला आरक्षण का मुद्दा राजनीति का केंद्र रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाओं को उनका वास्तविक हक मिले। उनके अनुसार, यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता है, तो न केवल देश की नारी शक्ति सशक्त होगी, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें भी और अधिक गहरी होंगी।
राजनीतिक संवेदनशीलता का आह्वान
प्रधानमंत्री ने सांसदों को आगाह करते हुए कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजरें इस निर्णय पर टिकी हैं। उन्होंने सांसदों से निवेदन किया कि वे अपनी कार्रवाई और निर्णयों में पूर्ण संवेदनशीलता बरतें, ताकि किसी भी तरह से नारी शक्ति की भावनाएं आहत न हों। उन्होंने सभी दलों से आह्वान किया कि वे मिलकर इतिहास रचें और भारतीय महिलाओं को नए अवसरों से वंचित न रखते हुए उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करें।
एक नजर में
- लोकसभा में महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर मतदान से पहले प्रधानमंत्री ने सभी दलों से सर्वसम्मति का आग्रह किया।
- प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधेयक पर हुई लंबी चर्चा से सभी भ्रम और आशंकाएं दूर हो चुकी हैं।
- इस कदम का उद्देश्य भारत में निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है।
- सरकार की कोशिश है कि यह विधेयक ऐतिहासिक रूप से बिना किसी विरोध के संसद से पारित हो।
