राममंदिर विवाद पर भारत-पाक में तीखी नोकझोंक

अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राममंदिर की चूड़ी पर धर्मध्वज स्थापित किए जाने के एक दिन बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘इस्लामोफोबिया’ और ‘ऐतिहासिक विरासत का अपमान’ बताते हुए भारत की आलोचना की। पाकिस्तान ने बाबरी मस्जिद विध्वंस का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह कदम धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देता है। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक बयानबाज़ी तेज हो गई।

बुधवार को भारत ने कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि धर्मान्धता के आधार पर अल्पसंख्यकों पर दमन चलाने वाला पाकिस्तान किसी को नसीहत देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की “पाखंडपूर्ण टिप्पणी” बताते हुए कहा कि इस तरह के आरोपों का कोई नैतिक आधार नहीं है। जायसवाल के अनुसार, पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।

इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने धर्मध्वज को भारतीय सभ्यता के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। 22×11 फुट का यह केसरिया ध्वज मंदिर की 161 फुट ऊँची चूड़ी पर स्थापित किया गया है और इसमें सूर्यवंश, पवित्र ‘ॐ’ तथा कोविदारा वृक्ष जैसे चिह्न शामिल हैं। राममंदिर निर्माण का कार्य 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुआ था और इस नई स्थापना को उसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है।