नाटकीय गिरावट: नेपाल में ओली का इस्तीफ़ा, राजधानी में हिंसा
काठमांडू, 10 सितंबर 2025 — नेपाल में छात्र-युवाओं के जबरदस्त विरोध ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर कर दिया। राजधानी काठमांडू में उग्र प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास और संसद भवन में आग लगा दी, जबकि कई मंत्रियों और नेताओं के घरों पर हमले हुए। इस घटनाक्रम ने देश को गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है।
भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन तेज़ी से हिंसक रूप ले बैठा। केवल दो दिनों की छात्र-युवा बग़ावत में हालात इतने बिगड़ गए कि सेना भी मूकदर्शक बनी रही। पुलिस की गोलीबारी में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “लोग सड़कों पर हथियारों के साथ उतर आए थे, यह सिर्फ़ विरोध नहीं बल्कि विद्रोह था।”
ओली ने राष्ट्रपति को भेजे अपने त्यागपत्र में लिखा, “देश में असामान्य परिस्थिति उत्पन्न हो चुकी है। इसके संवैधानिक और राजनीतिक समाधान के लिए मैं पदत्याग करता हूं।” लेकिन इस्तीफ़े के बाद भी हिंसा नहीं थमी। सुप्रीम कोर्ट और एयरपोर्ट समेत कई अहम इमारतों में आगजनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने ‘केपी चोर, देश छोड़’ के नारे लगाए और कई बंदियों को जेल से छुड़ा लिया। सेना ने अब नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है, मगर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
