नीरज चोपड़ा के गंभीर आरोपों से भारतीय एथलेटिक्स जगत में मचा हड़कंप
भारतीय एथलेटिक्स के पोस्टर बॉय और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने एक कोच के खिलाफ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। नीरज ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को औपचारिक पत्र लिखकर द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच नावल सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत में नीरज को पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल का भी साथ मिला है, जिन्होंने भी कोच के व्यवहार पर आपत्ति जताई है।
गरिमा और अनुशासन पर प्रहार
नीरज चोपड़ा ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि कोच द्वारा उनके और उनके परिवार के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा बेहद शर्मनाक और अनैतिक है। नीरज के अनुसार, खेल जगत में अनुशासन और सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन एक उच्च पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा आचरण युवा खिलाड़ियों के मनोबल को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने साई से अपील की है कि इस मामले में कड़ा संदेश दिया जाए ताकि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी को इस तरह के अपमानजनक व्यवहार का सामना न करना पड़े।
अतीत की शिकायतें और प्रभाव
पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने भी कोच पर नशे की हालत में आपत्तिजनक ऑडियो संदेश भेजने के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, कोच के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण खिलाड़ियों को अब आधिकारिक रूप से मोर्चा खोलना पड़ा है। इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्रों में कोच-खिलाड़ी संबंधों और वहां के कार्य वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका असर भविष्य में भारतीय एथलीटों के प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
एक झलक में
- नीरज चोपड़ा और सुमित अंतिल ने कोच नावल सिंह के खिलाफ ‘साई’ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
- कोच पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा और खिलाड़ियों के परिवारों को अपमानित करने का आरोप है।
- नीरज ने इसे खेल की गरिमा के खिलाफ बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- यह विवाद भारतीय खेल प्रशासन में कोचों के व्यवहार और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
