1000 रुपए से बनी रिलायंस आज भारत की नंबर 1 कंपनी
मुंबई: कभी 1000 रुपये से शुरू हुई एक छोटी सी टेक्सटाइल कंपनी आज 19.19 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ भारत की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL), जिसकी नींव धीरूभाई अंबानी ने 1960 में रखी थी, आज न केवल रिटेल, टेलीकॉम और पेट्रोलियम जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है, बल्कि 3.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी दे रही है।
धीरूभाई का सफर चोरवाड़ गांव से शुरू होकर अदन की नौकरी और फिर भारत में एक व्यापारिक साम्राज्य खड़ा करने तक फैला। 1966 में 1000 रुपये की पूंजी से शुरू हुई कंपनी ने 1977 में IPO लॉन्च कर आम निवेशकों को जोड़ा। आज RIL के तहत 335 कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें रिलायंस जियो, रिलायंस रिटेल और रिलायंस गैस जैसी प्रमुख सब्सिडियरी शामिल हैं। जियो की लॉन्चिंग के बाद भारत डेटा उपभोग में दुनिया में सबसे आगे निकल गया, जबकि रिलायंस रिटेल देशभर में 18,800 से अधिक स्टोर्स के साथ सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है।
रिलायंस का ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस अब भी कंपनी की कमाई का सबसे मजबूत स्तंभ है। जामनगर की रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में गिनी जाती है। हाल ही में कंपनी ने डिजिटल भारत को मजबूती देने के लिए AI और सैटेलाइट इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखा है। रिलायंस अब न केवल एक बिजनेस ग्रुप है, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
