भीषण गर्मी में बढ़ रहा स्किन कैंसर का खतरा! जानें विशेषज्ञों की राय

तेजी से बढ़ता तापमान केवल गर्मी ही नहीं बल्कि स्किन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणें त्वचा की गहराई तक जाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से स्किन सेल्स का असामान्य विकास होने लगता है, जो कैंसर का रूप ले सकता है।
गर्मियों में बढ़ता जोखिम
गर्मियों के दौरान यूवी रेडिएशन का स्तर अपने चरम पर होता है, जिससे सनबर्न की समस्या बढ़ जाती है। दोपहर के समय धूप की तीव्रता सबसे अधिक होती है, जो त्वचा की प्राकृतिक रक्षा परत को कमजोर कर देती है। जो लोग लंबे समय तक बाहर काम करते हैं या जिनकी त्वचा अधिक संवेदनशील है, उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
त्वचा पर किसी भी नए तिल का उभरना, पुराने तिल के रंग या आकार में बदलाव, या ऐसे घाव जो जल्दी ठीक नहीं हो रहे हों, स्किन कैंसर के संकेत हो सकते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का प्रयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और खुद को हाइड्रेटेड रखें। नियमित जांच और धूप से बचाव ही इस बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
एक झलक में
सूरज की यूवी किरणें त्वचा की कोशिकाओं को नष्ट कर कैंसर का कारण बनती हैं।
दोपहर की तेज धूप में बिना सुरक्षा के निकलना सबसे अधिक खतरनाक है।
तिल के रंग में बदलाव या पुराने घाव का न भरना कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं।
सनस्क्रीन और सुरक्षात्मक कपड़ों का उपयोग जोखिम को काफी कम कर सकता है।
